संवाददाता : सिद्धार्थ कुंवर,नमस्कार भारत

उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में 8 फरवरी को हिंसा भड़क गई। बनभूलपुरा में एक” अवैध रूप से निर्मित “मदरसे के विध्वंस पर हिंसा भड़की थी। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को इलाके में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। पुलिस को आदेश दिया गया कि दंगाइयों को देखते ही गोली मार दे। हल्द्वानी हिंसा में अब तक बनभूलपुरा में चार लोगों की मौत हो गई है। वही सबसे ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सांप्रदायिक तनाव का असर आज 9 फरवरी को देखने को भी मिल रहा है।

हल्द्वानी में आज भी रहेगा कर्फ्यू बंद रहेंगे स्कूल और इंटरनेट पर भी रोक

नैनीताल की जिला मजिस्ट्रेट वंदना ने कहा कि बनभूलपुरा हिंसा में अब तक चार लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग जिनमें मुख्य रूप से पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए हल्द्वानी में कर्फ्यू लगाया गया है, जबकि शहर में इंटरनेट सेवा भी फिलहाल बंद कर दी गई है। साथ में स्कूलों को बंद रखने का आदेश भी जारी किया गया है।

हल्द्वानी हिंसा के बड़े अपडेट

हल्द्वानी हिंसा में अब तक चार लोगों की मौत हुई है।वही कम से कम 100 लोग घायल हुए हैं। हालात पर काबू होने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था।

पुलिस ने कहा कि बनभूलपुरा इलाके में हुई हिंसा के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए ज्यादातर घायल पुलिसकर्मी और नगरपालिका कर्मचारी थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद मीणा ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने मदरसे पर पहले भी नोटिस दिया गया था।

बनभूलपुरा थाने के बाहर हुई हिंसा पर नैनीताल की जिला अधिकारी वंदना ने कहा,कुछ लोगों ने फायरिंग की (यह अवैध या वैध हथियार से इसकी पुष्टि की जा रही है)। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की  अस्पतालों में तीन से चार लोग मृत लाए गए थे जिन्हें गोली लगी थी। मृतक की पहचान की जा रही है।हमें यह पता लगाने के लिए इंतजार करना होगा कि क्या वह पुलिस गोलीबारी में मरे हैं या उनके बीच के लोगों द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए है।

नैनीताल के जिला मजिस्ट्रेट वंदना ने दावा किया कि दंगाइयों ने  बनभूलपुरा थाने में आग लगाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा ,”उस समय हमारे पुलिसकर्मी पुलिस स्टेशन में मौजूद थे। हालांकि,पुलिस बल ने उन्हें नियंत्रित किया और उन्हें पुलिस स्टेशन में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद हिंसा बनभूलपुरा के पास गांधी नगर इलाके में फैल गई।”

जिला मजिस्ट्रेट वंदना ने दावा किया कि ऐसा लगता है कि हिंसा “पूर्व नियोजित”थी और “पत्थर पहले से ही घरों में जमा किए गए थे”। उन्होंने कहा दंगाइयों ने पेट्रोल बमों का भी इस्तेमाल किया है।

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