संवाददाता : सिद्धार्थ कुंवर,नमस्कार भारत

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में भाजपा नेता धर्मेंद्र राय के भतीजे के अपहरण के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। भतीजे आदित्य राय ने खुद घर वालों को फोन करके उसके एक होटल में होने की सूचना दी। पुलिस का कहना है कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। घर वाले उसे सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने से मना करते थे। इसी से नाराज होकर वह घर छोड़कर भाग गया। इसके बाद पुलिस ने कहीं थी ठिकानों पर छानबीन की।

जानिए पूरा मामला क्या है

जानकारी के मुताबिक आदित्य अपने चचेरे भाई अंकित के साथ बुधवार सुबह बिटिया के आशा नगर में कोचिंग जाने के लिए निकला। चरगाहा मिश्र टोला के पास उसने चचेरे भाई से कहा कि तुम चलो मैं टॉयलेट होकर आता हूं। उसके बाद अंकित आगे बढ़ गया।थोड़ी देर में आदित्य नहीं आया तो अंकित वापस लौटा।उसे आदित्य की साइकिल और स्कूल बैग लावारिस हालत में पड़ा मिला।उसने आदित्य के परिजन को इसकी सूचना दी।

इसके बाद परिजन अपहरण की आशंका पर सुबह 7:00 बजे मुफस्सिल थाने पहुंचे। उन्होंने थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार से शिकायत दर्ज कराई। एसपी को पता चला तो उन्होंने एक टीम गठित कर मामले की जांच करने को भेजा। गायब होने के लगभग 6 घंटे तक पुलिस टीम कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करती रही। पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि जिले में संगठित अपराध करने वाला गिरोह सक्रिय नहीं है तो अपहरण किसने किया। तभी आदित्य ने मेहसी से अपनी बहन को फोन कर बताया कि वह अपराधियों के चंगुल से छूटकर लाइन होटल में आ गया है। परिजन ने लाइन होटल के मालिक से बात की और फिर उसे वहां से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि यह किडनैपिंग का मामला नहीं है।  लड़के को सोशल मीडिया पर विडियो डालने से मना करने पर वह घर छोड़कर भाग गया था।

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