संवाददाता :– राहुल कुमार , नमस्कार भारत

इस मॉडल की सबसे खास बात यह है कि इसमें हर पंचायत से हर 15 मिनट पर मौसम पूर्वानुमान की जानकारी आती है । एक पंचायत से दिनभर में लगभग 96 बार डाटा आता है । पंचायतों से दिनभर में लगभग में 80 हजार से अधिक डाटा मिलते हैं

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की अब बिहार के मौसम पूर्वानुमान मॉडल को अब पूरा देश अपनाएगा । इसकी तैयारी पूरे जोरों शोर से चल रहा है । जल्द ही बिहार मॉडल को देखने इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ बिहार आएंगे। कुछ दिन पहले ही नासा के वैज्ञानिक भी बिहार का मौसम केंद्र देखने आये थे । इस समय प्रदेश में पांच दिनों के मौसम का सटीक पूर्वानुमान जारी किया जा रहा है। योजना और विकास विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है ।

मौसम विभाग से राज्य की सभी पंचायतें जुड़ी हुई हैं। इसका विस्तार लगभग कई गांव तक किया जाना है । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले साल 27 माई को बिहार मौसम सेवा केंद्र का शुभारंभ किये थे । उन्होंने एक मोबाइल एप का भी लोकार्पण किये थे । इससे पंचायत स्तर की मौसम की सटीक जानकारी पांच दिन पहले किसानों और आमलोगों को दी जा रही है । बता दे कि बिहार मॉडल की सबसे खास बात यह है कि इसमें हर पंचायत से हर 15 मिनट पर मौसम पूर्वानुमान की जनकारीबाटी है । एक पंचायत से दिनभर में 96 बार डाटा आता है । सभी पंचायतों से दिनभर में 80 हजार से अधिक डाटा संकलित किए जाते है ।

बिहार के मॉडल को पांच देश अपना चुका है

1. जीविका

2. हर घर बिजली

3. हर घर नल–जल

4. स्मार्ट मीटर योजना

5. किसानों के घर तक बीज पहुंचाना

इस योजना पर क्या कहते हैं मंत्री

अब देश इस मॉडल को अपनाने जा रहा है । इसके लिए कई वैज्ञानिक बिहार आ रहे हैं। वे इस मॉडल का अध्ययन करेंगे। बिहार के मौसम पूर्वानुमान मॉडल को राष्टीय स्तर पर सराहा गया है । ’ –बिजेंद्र प्रसाद‚ योजना और विकास मंत्री

इस योजना की कई देश कर चुके हैं प्रशंसा

मौसम पूर्वानुमान को लेकर बिहार मॉडल की प्रशंसा अमेरिका और नीदरलैंड भी कर चुके हैं। पिछले दिनों योजना एवं विकास विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अरुणिश चावला की पहल पर निदेशक संजय पंसारी नीदरलैंड व अमेरिका गए थे । वही अमेरिका ने मौसम पूर्वानुमान कोंलेकर बिहार के कार्यों की जमकर प्रशंसा की है ।

इस तकनीक को लेकर श्री पंसारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है । वहा मौसम पूर्वानुमान को लेकर एमओयू किया  था ।बैठक में बिहार के कार्यों की तारीफ की गई सैटेलाइट विज़न में बिहार देश का एकमात्र राज्य था जो मौसम को लेकर इतना आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है  यही नहीं एनसीआर अमेरिका के वैज्ञानिकों ने बिहार मौसम केंद्र के डाटा संग्रहण एवं विश्लेषण को बेहद प्रभावी बताया बिहार मौसम सेवा केंद्र 24 घंटे कार्य है लोग दूरभाष एवं मोबाइल ऐप से मौसम संबंधी सूचना प्राप्त कर रहे हैं कोई व्यक्ति अपने किसी अन्य पंचायत स्तर तक के मौसम पूर्वानुमान की जानकारी सहजता से ले सकता है शीतलहर ओलावृष्टि कोहरे का पूर्वानुमान बताकर लोगों को सलाह एवं चेतावनी दी जा रही है हेल्पडेस्क पर कॉल कर लोग अपने प्रखंड एवं पंचायत के मौसम पुनर्वानुमान की जानकारी ले रहे हैं

केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सीएन प्रभु ने बताया कि प्रखंड स्तरीय मौसम विज्ञान केंद्र से तापमान आर्द्रता हवा की गति और दिशा के बारे में हर 15 मिनट पर आंकड़े मिलते हैं इन आंकड़ों को इसरो के सेटेलाइट से मिले आंकड़ों के साथ विश्लेषण विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए किया जाता है

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