संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर,नमस्कार भारत
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार की आज अग्निपरीक्षा है। नीतीश कुमार बहुमत साबित कर पाते हैं या महागठबंधन खेला करती है। इन सभी मामलों को लेकर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। आइए जानते हैं बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले क्या-क्या हलचल हुई।
रविवार को जदयू विधानमंडल की बैठक में विधायक सुदर्शन, दिलीप राय, रिंकू सिंह और बीमा भारती बैठक में नहीं पहुंचीं थी। कुछ विधायकों के मोबाइल भी ऑफ बताए जा जा रहे। वहीं डॉ. संजीव भी पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

एनडीए के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतनराम मांझी गठबंधन से किनारा करते हुए नज़र आ रहे थे। भाजपा के दिग्गज नेता नित्यानंद राय फनसे मुलाक़ात के लिए पहुंचे थे।
कांग्रेस नेता यह दावा कर रहे हैं कि बिहार में महागठबंधन सरकार गिरा देगी। NDA के 8 विधायक अपनी-अपनी पार्टी के संपर्क में नहीं है। सूत्रों की मानें तो जदयू के 5 और भाजपा के 3 विधायक लापता हैं।
सूत्रों की मानें तो जीतन राम मांझी ने सिर्फ विधानसभा अध्यक्ष हटाने के लिए समर्थन में मतदान का वादा किया है। फ्लोर टेस्ट में एनडीए की सरकार के बहुमत में साथ देने के लिए राज़ी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ़ राजद विधायक चेतन आनंद के परिजनों की तरफ़ से पटना पुलिस को शिकायत की गई थी।
पटना पुलिस को शिकायत में कहा गया कि तेजस्वी आवास में चेतन आनंद को अगवा कर रखा गया है। वहीं पुलिस जब तेजस्वी आवास पहुंची तो विधायक चेतन आनंद ने अपनी मर्ज़ी से वहां रहने की बात कही। इसके बाद पुलिस वहां से चली गई।
