संवाददाता :– राहुल कुमार, नमस्कार भारत
इसी महीने होगी बिहार में नई बिजली दरों की घोषणा । बिजली कंपनियों ने बिजली बिल में 4.39 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। जिसे 1 अप्रैल 2024 से लागू किया जाएगा।
बिहार में बिजली बिल में बढ़ोतरी
कृषि और उद्योग संगठन के प्रतिनिधियों ने बिहार में एक अप्रैल 2024 से 4.39 फीसदी बढ़ने वाली बिल , पर एक साथ विरोध किया है । ये सभी एक साथ मिल कर बिजली आपूर्ति कंपनियों को अपनी देनदारियो का बोझ जनता पर डालने की बजाय अपना नुकसान कम करने का सुझाव दिया । फिर उन्होंने कहा की कलेक्शन और बिलिंग में सुधार लाते हुए बिजली दर कम करने को कहा । विद्युत विनियामक आयोग के सदस्य अरुण कुमार सिन्हा और परशुराम सिंह ने शुक्रवार को जनसुनवाई की ओर लोगो का पक्ष सुना । उन्होंने इसी महीने नई घोषणा दर पर बात कही । दो दर्जन से अधिक लोगों ने विनियामक आयोग कार्यालय में हुए जनसुनवाई में बिजली दर बढ़ाये जाने का लिखित और मौखिक विरोध किया ।

ओपी सिंह ने क्या सुझाव दिया
नंदजी शर्मा जो की पूर्व बिजली अधिकारी रह चुके है । उन्होंने होम स्टे को वाणिज्य श्रेणी से अलग करने से पहले इसका मानक निर्धारित करने की मांग की । उधोंगो को प्रोत्साहन देने के लिए कंपनियों को सरप्लस से बची बिजली उधोगो को सस्ती दर पर उपलब्ध करानी चाहिए । ये सुझाव बिहार के गैस मैंनुफैक्चर्स एसोसिएशन के ओपी सिंह दिया । गैस उत्पादन सेवा सेवा के क्षेत्र में बिहार के उद्यमियों का सीधा मुकबला झारखंड और बंगाल से है। लेकिन बिहार में बिजली दर अधिक होने से उधमियों को नुकसान हो रहा है ।
खगड़िया एक व्यक्ति संतोष कुमार ने बिल का भुगतान किए जाने पर जाने पर उसकी पावती तत्काल मोबाइल पर जनसुनवाई के लिए हर प्रमंडल में शिविर लगाने का सुझाव दिया ।
विद्युत उपभोक्ता संघर्ष समिति के केशव पाठक , बिहार चैंबर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एकेपी सिन्हा , स्टील मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन बिहार की शुगुन श्रीवास्तव , नंदनिकीशोर राय , डा. संजय कुमार, हिमांशु भूषण,अनिल कुमार सिन्हा , रंजन कुमार, अरुण कुमार अग्रवाल , सीपी पांडेय, डॉ संजय कुमार आदि ने भी अपने विचार रखे ।
कंपनी ने क्या तर्क दिया
बिजली के कंपनियों के एक अधिकारी महाप्रबंधन (राजस्व ) अरविंद कुमार ने कहा कि चार साल बाद 2023 में देर में बढ़ोतरी की गई थी । सरकार ने सब्सिडी देकर उसे भी समाप्त कर दिया । अरविंद कुमार ने ये भी कहा की इस साल बिजली बिल बढ़ने के पीछे ठोस तर्क हैं। उपभोक्ताओं जमा पैसा ब्याज के साथ वापस लैटाया जा रहा है । प्रीपेड मीटर लगाने के बाद अब तक करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को उनका सिक्योरिटी डिपोजिट लैटाया जा चुका हैं।
विभिन्न राज्यों की बिजली दर (रूपये प्रति यूनिट)
राज्य न्यूनतम दर अधिकतम दर
झारखंड 5.75 6.30
महाराष्ट्र 3.44 11.82
पश्चिम बंगाल 5.37 8.99
बिहार 2.12 5.57
मध्यप्रदेश 3.25 6.65
उत्तरप्रदेश 3.35 7.00
राजस्थान 3.25 8.00
