संवाददाता: हर्षिता चौहान, नमस्कार भारत
Entertainment: पहले वीकेंड आते ही बाहर जाने का प्लान बनता था अब सबसे पहला सवाल होता है इस हफ्ते क्या नया आया है मोबाइल उठाते ही नेटफ्लिक्स प्राइम या हॉटस्टार खोल लेते हैं। यह सब सिर्फ टाइम पास नहीं बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, अब एंटरटेनमेंट घर बैठे मनचाहे समय पर बस यही तो चाहिए था ।
पंचायत सीजन 4 : फिर लौटा फुलेरा वाला अपनापन –
पंचायत का नया सीजन आया और ऐसा लगा गांव वालों के साथ हम भी ट्रांसफर हो गए हो। अभिषेक त्रिपाठी अब भी उलझन में है लेकिन इस बार कहानी दिल के ज्यादा करीब है । प्रहलाद चाचा की कहानी ने आंखें नम की और बाकी किरदारों ने फिर से हंसी और अपनापन दोनों दे दिया। सोशल मीडिया मीम्स से लेकर रील्स तक फुलेरा छाया हुआ हैं ।
स्क्विड गेम सीजन 3 : जिंदगी दांव पर लगेगी लेकिन लोग फिर भी खेलेंगे –
स्क्विड गेम सीजन 3 अब सिर्फ एक गेम नहीं एक जंग बन चुका है – दिमाग चालाकी और जिंदगी के बीच।इस बार कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां सीजन 2 खत्म हुआ था Gi-hun अब सिर्फ खिलाडी नहीं बल्कि बदले की आग में जलता हुआ इंसान बन चुका है । गेम मास्टर की सच्चाई और नए प्लेयर्स की चालबाजियां मिलकर सीजन को और भी रहस्यमई बना रही है ।टीज़र ने साफ कर दिया है कि इस बार दांव ज्यादा बड़ा है और हर फैसला जानलेवा ।
Entertainment: दिल्ली क्राइम सीजन 3 : डर और सच के बीच की सबसे कड़ी लड़ाई –
दिल्ली क्राइम फिर लौट आया है इस बार सिर्फ कहानी नहीं सच्चाई भी और कड़वी है। यह वह शो है जो हमें सोचने पर मजबूर करता है । असली घटनाओं पर आधारित यह सीजन दिखता है कि कानून की दुनिया बाहर से जितनी शान्त दिखती है अंदर से उतनी ही उलझी है । इंस्पेक्टर वर्तिका के किरदारमें एक बार फिर दमदार परफॉर्मेंस देखने को मिलती है – एक मां एक अवसर और एक इंसान की लड़ाई । देखकर यही लगता है सिर्फ वर्दी पहन लेना काफी नहीं उसे निभाना असली हिम्मत है ।
ये भी पढ़ें: Grappling World Cup 2025 में श्रीराम कॉलेज की बीपीईएस की छात्रा तनु ने जीता रजत पदक
Entertainment: कोटा फैक्ट्री सीजन 3 : जीतू भैया वापस आ गए हैं !
जो भी बच्चा कोचिंग गया है या IIT का सपना देखा है उसके लिए कोटा फैक्ट्री एक आईना है । इस बार कहानी और भी रियल लगती है प्रेशर , स्ट्रगल , दोस्ती , टीचर , अनकहा दर्द और कचोरी वाला ब्रेक । जीतू भैया की वापसी ने शो में जान फूक दी है और उनके मोनोलॉग फिर से दिल को छू रहे हैं । दोस्ती , हार , उम्मीद और आत्म संशय की जो झलक इस सीजन में है वह हर दर्शक को अपने स्कूल या कोचिंग के दिनों में वापस ले जाती है । यह शो एक याद है – मीठी कड़वी और सच्ची

अब बात सिर्फ शो देखने की नहीं रही है यह हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है । लोग अब वही कहानी पसंद करते हैं जिनमें उन्हें खुद की झलक देखें – फिर चाहे वह फुलेरा की गलियां हो कोटा की क्लास या दिल्ली की सच्चाई ।
OTT ने हमें वो कंटेट दिया जो हम हमेशा से चाहते थे – बिना सेंसर , बिना टाइम लिमिट , ना थिएटर की भीड और ना ही टिकट की टेंशन बस सब कुछ अपने हिसाब से ।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए नमस्कार भारत के साथ जुड़िये, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर।

Good information