संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर, नमस्कार भारत
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ यानी देश में एक साथ चुनाव कराने को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली हाईलेवल कमेटी ने आज यानी 14 मार्च रिपोर्ट सौंपी है। ये रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में सौंपी गई है।रिपोर्ट के मुताबिक राम नाथ कोविंद की अगुवाई वाली हाईलेवल समिति अपने गठन के पांच महीने बाद आज गुरुवार 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
वन नेशन, वन इलेक्शन पर 18,626 पन्नों की सौंपी गई रिपोर्ट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह और पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष सी. कश्यप सहित पैनल के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
पैनल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 18,626 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। 2 सितंबर 2023 को इसके गठन के एक्सपर्ट के साथ चर्चा और 191 दिनों की रिसर्च के बाद यह रिपोर्ट सौंपी गई है।
पैनल ने इन मुद्दों को रखा है सामने
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पैनल 2029 में देश में साथ चुनाव कराने का सुझाव देगा और इससे संबंधित “प्रक्रियात्मक और तार्किक” मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
समिति के एक दूसरे सदस्य ने भी नाम न छापने की शर्त पर कहा कि, समिति का मानना है कि उसकी सभी सिफारिशें सार्वजनिक डोमेन में भी होनी चाहिए लेकिन उन्हें स्वीकार करना या अस्वीकार करना सरकार पर निर्भर है।
समिति देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान के अंतिम पांच अनुच्छेदों में संशोधन की भी सिफारिश कर सकती है। प्रस्तावित रिपोर्टों में लोकसभा, राज्य विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव को एक साथ कराने के लिए एकल यानी साझा मतदाता सूची पर भी फोकस करेगी।
समिति के अन्य सदस्य का ये भी कहना है कि, रिपोर्ट में एक साथ चुनावों की आर्थिक व्यवहार्यता पर 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्राची मिश्रा का एक पेपर को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक संसाधनों का भी ब्यौरा दिया गया है। इसने अपनी वेबसाइट के जरिए दिए गए फीडबैक और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों सहित अलग-अलग हितधारकों से प्राप्त फीडबैक पर विचार किया है।
