संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर, नमस्कार भारत
लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही पक्ष और विपक्ष के नेता जीत के मंथन में जुटे हुए हैं। एनडीए ने बिहार की सभी 40 सीटों का बंटवारा भी हो गया है, वहीं इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के सीट को लेकर ही पेंच फंस रहा है।
लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र बिहार इंडिया गठबंधन से जुड़े मामलों में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ही फ़ैसले ले रहे हैं। महागठबंधन के सहयोगी दल अपने-अपने मुताबिक सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं। ऐसे में कई लोकसभा सीटे ऐसी हैं, जहां कांग्रेस के लिए सीट शेयरिंग फंस रहा है।
लालू प्रसाद यादव ने महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने फॉर्मूले पर सीट शेयरिंग को अंजाम देना चाहते हैं। इसलिए इंडिया गठबंधन में दूसरे दलों (मुकेश सहनी या कोई और) के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए वेट एंड वाच की भी स्थिति है। लालू प्रसाद यादव ने जो जीत के लिए फॉर्मूला तैयार किया है, उसके मुताबिक जिस सीट पर भाजपा लड़ रही है, वहां कांग्रेस और लेफ्ट के उम्मीदवार को उतारा जाए और जहां से नीतीश की पार्टी जदयू के प्रत्याशी दांव खेल रहे हैं, वहां से राजद के उम्मीदवार को उतारा जाए।
लालू यादव ने अपना फॉर्मूला तो बना लिया लेकिन सीट की सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग में यह फ़िट नहीं बैठ रहा है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान की पहली पसंद किशनगंज, कटिहार, औरंगाबाद, बक्सर, पटना साहिब, वाल्मीकीनगर, बेगूसराय, सासाराम सीट है।
वहीं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह पूर्णिया, नवादा और बेतिया सीट भी चाह रहे हैं। इस सीट में से किसी एक अपने बेटे आकाश को चुनावी दांव खेलना चाहते हैं।
बेगूसराय, पूर्णिया और कटिहार लोकसभा सीट को लेकर कांग्रेस में ही तकरार होने की संभावना है। कांग्रेस अपने खाते में बेगूसराय सीट चाहती है, तो राजद चाहती है उनके खाते में जाए, क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में राजद रनर रही थी।
कटिहार सीट से कांग्रेस तारिक अनवर को चुनाव लड़वाना चाहती है, क्योंकि तारिक अनवर वहां से सांसद भी रहे चुके हैं। लेकिन कटिहार से मौजूदा सांसद जदयू के हैं, इसलिए राजद चाहती है कि उनके पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़े। पूर्णियां सीट पर पप्पू यादव दावा ठोक रहे हैं, वहीं अखिलेश प्रसाद सिंह भी इस सीट से अपने बेटे को उतारना चाह रहे हैं।
