संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर, नमस्कार भारत
बिहार विधान परिषद चुनाव में महागठबंधन की ओर से पांच एमएलसी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने राबड़ी देवी, अब्दुल बारी सिद्धकी, उर्मिला ठाकुर और फैसल अली को उम्मीदवार बनाया है।
आपको बता दें कि, बिहार विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। बिहार में एमएलसी के लिए 21 मार्च को वोटिंग होना है। बीजेपी औऱ जेडीयू की ओर से लिस्ट आनी अभी बाकी है।
शुक्रवार को महागठबंधन ने अपने पांच उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आरजेडी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत 2 महिलाओं और दो मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। इस लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उर्मिला ठाकुर और माले की ओर से शशि यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं आरजेडी ने अब्दुल बारी सिद्धिकी और सैयद फैजल अली को भी विधान परिषद भेजने का फैसला लिया है।
आरजेडी की ओर से महागठबंधन के उम्मीदवारों की जारी लिस्ट में कांग्रेस के किसी नेता का नाम नहीं है। हालांकि कांग्रेस ने इन सभी उम्मीदवारों को समर्थन देने का फैसला किया है। आपको बता दें कि, राज्यसभा चुनाव में आरजेडी और माले ने कांग्रेस उम्मीदवार अखिलेश सिंह को समर्थन दिया था। इसलिए अब कांग्रेस इन उम्मीदवार को समर्थन देगी।
सीटों की संख्या के हिसाब से विधान परिषद में महागठबंधन के पांच उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही हैं। इस चुनाव में बिहार विधानसभा में एनडीए पक्ष में बीजेपी के 78, जेडीयू के 45, ‘हम’ के चार और एक निर्दलीय विधायक के वोट हैं। महागठबंधन की बात करें तो आरजेडी के पास 79, कांग्रेस के 19, वाम दल के 16 एमएल हैं। जबकि एआईएमआईएम के 1 एमएल हैं।
समीकरणों की बात करें तो विधान परिषद की एक सीट पर जीत के लिए विधानसभा के 21 सदस्यों के वोट की जरूरत होती है। ऐसे में संख्या बल के हिसाब से एनडीए छह सीटों पर जीत हासिल करता हुआ दिख रहा है। वहीं महागठबंधन ने 5 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है। आरजेडी के 4 विधायक नीतीश की नेतृत्व वाले एनडीए के पाले में जा चुके हैं। विपक्ष को पांच सीटों पर जीत के लिए 105 विधायकों के वोट की जरूरत होगी।
