संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर, नमस्कार भारत
श्रीराम कॉलेज के ललित कला विभाग द्वारा विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कौशल को वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप जानने के लिए मेरठ के सुप्रसिद्ध नगीन प्रकाशन प्रा0 लि0 का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर मोहित जैन, फाउण्डर, नगीन प्रकाशन प्रा0 लि0, मेरठ ने विद्यार्थियो को वर्तमान कौशल के अनुसार प्रयोग होने वाले टूल्स (विभिन्न प्रकार के सोफटवेयर्स) के द्वारा विद्यार्थियो को ग्राफिक्स डिजाईन की सूक्ष्मताओं को कार्यशाला के माध्यम से अवगत कराया।
इस अवसर पर नगीन प्रकाशन प्रा0 लि0, मेरठ के एम0डी0 मोहित जैन और हेड ऑफ डिजाईनर मिताली ने भिन्न-भिन्न सेगमेन्ट के कार्यों को समझाते हुए विद्यार्थियो को कहा कि वर्तमान परिदृश्य में क्रियटिव स्कील्स का होना बहुत ही आवश्यक है। जिसके लिए विद्यार्थियो को कम से कम 5 घंटे का अभ्यास जरूरी बताया। मिताली ने बताया कि वर्तमान समय में क्रियटिव क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं। इस क्षेत्र में स्थिरता एवं लगन का होना अति आवश्यक है। क्योंकि रचनात्मकता का ध्यान आने पर हमें रंगों का अभ्यास, लाइव स्केचिंग का ज्ञान, काल्पनिक स्केचिंग का अभ्यास होना अत्यंत आवश्यक है। श्रीराम कॉलेज के ललित कला विभाग से लगभग 50 विद्यार्थियों ने मिताली के अनुसार अपने कौशल में बदलाव किए। जिसके अन्तर्गत विद्यार्थियों ने पैकेजिंग, प्रिटिंग, मैटेरियल एवं मैनेजमेन्ट इत्यादि में अपनी स्कील्स को बढाया।

इस अवसर पर मोहित जैन, एम0डी0 नगीन प्रकाशन प्रा0 लि0, मेरठ ने विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कौशल को देखते हुए विद्यार्थियों को अपने प्रकाशन में एंटरनशिप एवं नौकरी की पेश कश भी की। उन्होंनंे कहा कि जब भी विद्यार्थी चाहें तब अपने विषय में प्रैक्टीकल ज्ञान को वर्तमान परिदृश्य के अनुसार अपनी कार्यशैली को और बेहतर कर सकते हैं।

अन्त में ललित कला विभाग के निदेशक डॉ0 मनोज धीमान ने मोहित जैन, एम0डी0 नगीन प्रकाशन प्रा0 लि0, मेरठ का दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के भ्रमण से विद्यार्थियों को उनके जीवन की आधारशिला रखने में काफी मदद मिलेगी। जिससे विद्यार्थी अपने कौशल का सही प्रयोग कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। मोहित जैन ने विद्यार्थी विशाल शरण को अपने प्रकाशन में नौकरी का अवसर प्रदान करके हमारे विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्ध्रन किया।
नगीन प्रकाशन प्रा0 लि0, मेरठ के इस भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ ललित कला विभाग के निदेशक डॉ0 मनोज धीमान और प्रवक्ता मयंक सैनी उपस्थित थे।
