संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर, नमस्कार भारत

श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के विभिन्न महाविद्यालयों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2024 के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसी क्रम में श्रीराम कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के आई0 आई0 सी0-एस0 आर0 जी0 सी0 (इंस्टीटॅयूशंस इनोवेशन काउंसिल-एस0 आर0जी0सी0) इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन इंजी0 विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बडी उत्सुकता के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान के निदेशक प्रो0 (डॉ0) एस0एन0 चौहान द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। वही श्रीराम कॉलेज के बायोसाइंस विभाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस “विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ” की थीम पर उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ आज के मुख्य अतिथि डा0 प्रेरणा मित्तल, प्राचार्या, श्रीराम कॉलेज, डा0 अशोक कुमार निदेशक, श्रीराम कॉलेज, डा0 गिरेन्द्र गौतम निदेशक श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, तथा डीन एकेडमिक डा0 विनित कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलन करके किया गया । इस अवसर पर बायोसाइंस विभाग में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक द्वारा रमन प्रभाव की खोज की याद में भारत में प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। अपनी अद्भुत खोज के लिये उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करना है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में कैरियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं साथ ही उनके नये विचारों को बढ़ावा देना है। प्रत्येक वर्ष इस दिन को किसी न किसी थीम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का थीम “विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ”  रखा गया है।

इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताएं स्पीच कॉम्पीटीशन, जंकयार्ड वॉर व मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रथम प्रतियोगिता में स्पीच प्रतियोगिता के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपने नव विचारों को प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने बताया कि विकसित भारत के लिये स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिये वैश्विक चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी और विज्ञान के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया जायेगा। आज भारत हर क्षेत्र में अपना स्थान बना रहा है चाहे वह शिक्षा क्षेत्र हो, सुरक्षा, चिकित्सा, विज्ञान आदि हो। भारतीय नौसेना के लिये भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित विमान आई0एन0एस0 विक्रांत वाहक है। चिकित्सा के क्षेत्र में को-वैक्सीन भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित कोविड-19 वैक्सीन है।

छात्र मौ0 आलिम ने बताया कि किस प्रकार विकसित देश अपनी-अपनी स्वदेशी तकनीकों से आगे बढ़े, ठीक उसी प्रकार यदि हम भारतीय भी अपनी स्वदेशी तकनीक के माध्यम से विकसित भारत की ओर बढ़ेंगे। छात्रा विशु मलिक ने अपने विचारों से छात्रों को स्वदेशी तकनीक का प्रयोग करने के लिये प्रोत्साहित किया। छात्र मदनी, हिमांशु, अनन्या, वीरसन आदि ने आज की थीम पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने-अपने विचार प्रस्तुत कर सभा में उपस्थित सभी हो प्रभावित किया।

दूसरी प्रतियोगिता जंकयार्ड वॉर में प्रतिभागियों ने प्रांगण से जंक सामान का उपयोग कर विभिन्न प्रकार के मॉडल जैसे रोबोट, स्मार्ट इन्विटेशन कार्ड, रेन सैंसिंग अम्ब्रैला व ऑटोमैटिक बैल आदि उपयोगी मॉडल्स को प्रदर्शित किया।

तृतीय प्रतियोगिता ‘चार्ट कॉम्पीटिशन’ में छात्रों ने चार्ट के माध्यम से अपने विचारों को प्रदर्शित किया। जिनमें मुख्यतः सामिया खान, सुहानी रहेजा, शैली कौशिक, अलीजा खान श्रेया आदि ने विशेष प्रदर्शन किया।

संस्थान के निदेशक प्रो0 (डॉ0) एस0एन0 चौहान ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं एवं विद्या के बल पर तकनीकी जगत में नये प्रयोगों को पूर्ण रूप देकर भारत को आत्मनिर्भता प्रदान करने के लिये दिशा निर्देशित किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों द्वारा विकसित भारत की कल्पना को सही दिशा मिलेगी।

               इस कार्यशाला में संस्थान के निदेशक डॉ0 एस0एन0 चौहान, डीन एकेडेमिक्स डॉ0 सुचित्रा त्यागी, इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन इंजी0 की विभागाध्यक्ष इं0 कनुप्रिया, डॉ0 जे0 बी सिंह, श्री जितेन्द्र कुमार, इं0 इन्दु चौहन, इं0 शुभी वर्मा, इं0 फिरोज अली, इं0 आकाश, वेनी भारद्वाज व अन्य सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।

               वही श्रीराम कॉलेज के बायोसाइंस विभाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में मे प्रश्नोत्तरी एवं मॉडल प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसमे निर्णायक समिति का गठन किया गया। समिति मे तीन निर्णायक सद्स्य चुने गये। जिनमे बायोसाइंस संकाय के प्रवक्ता सचिन कुमार, शायमा सैफी तथा जेहरा हुसैनी सम्मिलित रही।

               प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ-चढ कर हिस्सा लिया। निर्णायक समिति के द्वारा दोनो प्रतियोगिताओ मे विजयी छात्रो को चुना गया जिसमे  प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान पर रजिया रौफ बी0एस0सी0 माइक्रोबायोलोजी द्वितीय वर्ष व द्वितीय स्थान पर हंसिका कौशिक बी0एस0सी0 माइक्रोबायोलोजी द्वितीय वर्ष रही, वही तृतीय स्थान पर अकाँक्षा एम0एस0सी0 बायोटेक्नोलोजी द्वितीय वर्ष रही।

इसके अतिरिक्त मॉडल प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान पर अलिजा बी0एस0सी0 माइक्रोबायोलोजी प्रथम वर्ष व द्वितीय स्थान पर श्रेया गर्ग बी0एस0सी0 बायोटेक्नोलोजी तृतीय वर्ष रही, वही तृतीय स्थान पर शौली कौशिक बी0एस0सी0 माइक्रोबायोलोजी द्वितीय वर्ष रही।

इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा0 प्रेरणा मित्तल, प्राचार्या श्रीराम कॉलेज ने रमन प्रभाव की खोज के बारे में बताते हुये कहा कि उन्होंने प्रकाश-पदार्थ परस्पर क्रियाओं के बारे में हमारी समझ में क्रांति ला दी और विज्ञान की विभिन्न शाखाओं पर परिवर्तनकारी रुप से प्रभावित किया। इसके महत्त्व को देखते हुए, सर सी.वी. रमन को 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से, बायोसाइंस विभागाध्यक्ष डा0 विपिन कुमार सैनी तथा प्रवक्तागण .विकास त्यागी, अंकित कुमार, सैफाली अग्रवाल, शबा राणा, दिशा शर्मा, वन्दना शर्मा, मौ0 सलमान तथा सुबोध कुमार आदि का योगदान रहा।

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