संवाददाता: सिद्धार्थ कुंवर, नमस्कार भारत
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के मड़िहान तहसील में तैनात तहसीलदार के पेश करने बुधवार की सुबह जहर खा लिया। जानकारी होने के बाद उसे लोग अस्पताल लेकर पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य पर प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
मंडलीय चिकित्सालय पहुंचने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तहसीलदार के पेशकार की मौत होने से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। अधिकारियों द्वारा उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है।
बताया जा रहा है कि तहसीलदार के ऊपर न्यायालय से पत्रावलियों के गायब होने के आरोप में कार्रवाई करने का दबाव बनाया जा रहा था। कहा जा रहा है कि इसी बात से परेशान होकर उसने जहर खाया है।
दरअसल, तहसीलदार की पेशकार राम सहाय सिंह और गली के पद से प्रमोशन होकर पेशकार के पद पर तैनात हुए थे। रामसहाय सिंह करीब डेढ़ साल बाद सेवानिवृत भी होने वाले थे। तहसीलदार के पेशकार की मौत होने की सूचना पर तहसील के अधिकारी हैरान हैं।
18 अप्रैल को राजस्व परिषद अध्यक्ष ने किया था निरीक्षण
बताया जा रहा है कि बीते 18 अप्रैल को राजस्व परिषद अध्यक्ष डॉ रजनीश दुबे ने मड़िहान तहसील में कार्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि कुछ पत्रावलियां गायब थीं। पत्रावलियों के गायब होने का आरोप पेशकार के ऊपर लगा था। हालांकि इस बारे में अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन कहा जा रहा है कि पत्रावलियों के गायब होने के मामले में पेशकार के ऊपर कारवाई करने का दबाव बनाया जा रहा था।
सुबह में खा लिए जहरीला पदार्थ
बताया जा रहा है कि वह अपने कमरे में मंगलवार की रात में सोए थे। बुधवार सुबह में अचानक उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। जानकारी होने के बाद उनके साथ के लोग अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही उन्हें अस्पताल में ले गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मंडलीय अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
