Uttarkashi

संवाददाता: अनु सैनीनमस्कार भारत

Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में बादल फटने की घटना से भारी तबाही मची है। सोमवार देर रात बादल फटने से खीरगंगा में भीषण बाढ़ आ गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

Uttarkashi: बाढ़ का पानी धराली गांव की ओर बढ़ते ही लोगों में चीख-पुकार मच गई। बाजार क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो गया है। कई होटल और दुकानें मलबे में समा गई हैं। घटनास्थल पर सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए रवाना कर दी गई हैं।

भारी बारिश से उत्तराखंड में व्यापक तबाही, स्कूल बंद

Uttarkashi: मंगलवार सुबह उत्तरकाशी की बड़कोट तहसील के बनाल पट्टी इलाके में भी भारी बारिश के कारण कुड गदेरा उफान पर आ गया। तेज बहाव में करीब डेढ़ दर्जन बकरियां बह गईं। क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया कि राज्य में 10 अगस्त तक भारी बारिश के आसार बने हुए हैं, विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। एहतियात के तौर पर देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में मंगलवार को भी स्कूल बंद रखे गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक, केंद्र सरकार से मांगी हेलिकॉप्टर सहायता

उत्तरकाशी की आपदा पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और अन्य टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार से दो एमआई हेलिकॉप्टर और एक चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद की मांग की है ताकि बचाव अभियान को और तेज़ किया जा सके।

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यमुनोत्री हाईवे पर भी आफत: 25 मीटर सड़क धंसी, आवाजाही बंद

लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तरकाशी में यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास करीब 25 मीटर सड़क धंसने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। क्षेत्र में बोल्डर गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

एनएच विभाग के ईई मनोज रावत ने बताया कि बारिश के चलते मार्ग खोलने में भारी दिक्कत आ रही है। प्रयास किया जा रहा है कि शाम तक कटिंग कर छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोला जाए।

उधर गंगोत्री हाईवे भी डबराणी, नाग मंदिर और नेताला के पास मलबा आने के कारण सुबह से दोपहर तक कई बार बाधित रहा। बीआरओ की टीमों ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए मार्ग को अस्थाई रूप से खुलवाया।

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