संवाददाता: कुमार विवेक, नमस्कार भारत

Lok Sabha Election 2024: ‘एनडीए और इंडिया’ गठबंधन के नेता जीत दर्ज करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। सियासी दांवपेंच के बीच यह चर्चा तेज़ हो गई है कि बिहार के वैशाली और मुज़फ़्फ़रपुर लोकसभा सीट पर आखिरी वक्त में खेला हो सकता है।

लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली सीट जीतने के लिए ‘इंडिया और एनडीए’ गठबंधन के दिग्गज नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। मौजूदा वक्त में हालात ऐसे हो चुके हैं कि दोनों गठबंधनों के प्रत्याशी चुनावी प्रचार में स्थानीय प्रतिनिधियों पर डिपेंड हो चुके हैं।

सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि आखिरी वक्त में प्रत्याशियों के सारथी पाला बदल सकते हैं, क्योंकि वह लोकसभा चुनाव की आड़ में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी सियासी ज़मीन मजबूत करना चाह रहे हैं। इसलिए दोनों गठबंधन के नेता अपने-अपने तरीक़े से विभिन्न रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।

वैशाली और मुज़फ़्फ़रपुर लोकसभा क्षेत्र की बात की जाए तो दोनों में 6 विधानसभा क्षेत्र हैं। मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले की बात की जाए तो कांग्रेस विधायक विजेंद्र चौधरी ने मुज़फ़्फ़रपुर विधानसभा से जीत दर्ज की थी। मुज़फ़्फ़रपुर सीट कांग्रेस के खाते में गई तो विधायक विजेंद्र चौधरी यहां से लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर देखे जा रहे थे।

कांग्रेस ने एनडीए के बागी नेता अजय निषाद को टिकट दे दिया। इसके बाद विजेंद्र चौधरी ने मन मारते हुए सेहत का हवाला देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी अजय निषाद के चुनावी प्रचार में जुट गए। इसके अलावा गाय घाट से राजद विधायक निरंजन राय और बोचहां (रिजर्व सीट) से राजद विधाक अमर पासवान महागठबंधन प्रत्याशी के चुनावी प्रचार में जुटे हुए हैं।

औराई से भाजपा विधायक रामसूरत राय (पूर्व मंत्री), कुढ़नी से भाजपा विधायक केदार प्रसाद गुप्ता और सकरा (रिजर्व सीट) से जदयू विधायक अशोक चौधरी ने एनडीए उम्मीदवार राज भूषण चौधरी निषाद के लिए चुनावी प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि स्थानीय विधायक अपने क्षेत्र के मतदाताओं का वोट अपने गठबंधन के प्रत्याशी को दिलवाने में कितना कामयाब हो पाते हैं।

वैशाली लोकसभा सीट की बात करें तो इसमें  6 विधानसभा सीटें आती हैं। स्थानीय जन प्रतिनिधियों पर नज़र डालें तो वैशाली लालगंज से विधायक जदयू नेता सिद्धार्थ पटेल (चुन्नू पटेल) हैं। बरूराज से भाजपा नेता अरुण कुमार सिंह विधायक हैं। पारू से भाजपा नेता अशोक कुमार सिंह विधायक हैं।

साहेबगंज से भाजपा नेता राजू सिंह विधायक हैं। यह सभी विधायक राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वहीं सांसद प्रत्याशी वीणा देवी भी राजपूत समाज से ही आती हैं। ऐसे में यह तीनों विधायक अपने क्षेत्र (बरूराज, पारू और साहेबगंज) से राजपूत वोट वीणा देवी को दिलवा पाएंगे यह देखना दिलचस्प होगा।

मीनापुर से राजद नेता मुन्ना यादव विधायक हैं, वहीं कांटी से राजद नेता इसराइल मंसूरी (पूर्व मंत्री) क्या इंडिया गठबंधन समर्थित राजद प्रत्याशी मुन्ना शुक्ला को जीत दिलवाने में कामयाब हो पाएंगे यह देखने वाली बात होगी।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो लोकसभा चुनाव का परिणाम, 2025 के विधानसभा चुनाव पर काफी असर डालेगा। इसलिए मौजूदा समीकरण को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि कही आखिरी वक्त में वैशाली और मुज़फ़्फ़रपुर में स्थानीय विधायक मतदाता का मूड देखते हुए पाला ना बदल ले।

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