World Health Day

संवाददाता: राहुल चौधरी, नमस्कार भारत

श्री राम कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ’’स्वास्थ्य शुरुआत,

World Health Day: श्री राम कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में ’’स्वास्थ्य शुरुआत, आशापूर्ण भविष्य ’’ थीम पर विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य मे विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ० सुषमा शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ और विशिष्ठ अतिथि डॉ० विमल भारती रहे ।

World Health Day: कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत रूप से दीप प्रज्वलन के साथ की गई, इस आयोजन में छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक स्वस्थ समाज की दिशा में कदम बढ़ाना था।

डॉ. सुषमा शर्मा ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर छात्रों को स्वास्थ्य के महत्व के बारे में किया जागरूक

World Health Day: इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सुषमा शर्मा जी, स्त्री रोग विशेषज्ञ ने छात्रों को संबोधित करते हुए विश्व स्वास्थ्य दिवस के उद्गम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1950 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (ब्लूएचओ) द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाना और हर व्यक्ति को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक दबाव के चलते स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य केवल बीमारी की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की अवस्था है।

डॉ. विमल भारती ने छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच अपनाने का दिया संदेश, पावरपॉइंट प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाया उत्कृष्ट प्रदर्शन

World Health Day: इस अवसर पर डॉ० विमल भारती ने छात्रों को अपने जीवन में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की भूमिका एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सबसे अहम है, और यदि वे आज से ही अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे, तो न केवल वे स्वयं स्वस्थ रहेंगे बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगे।

ये भी पढ़ें: MAJMC प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य संबंधित विषयों को रोचक और सूचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों में प्रमुख रूप से स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार का महत्व, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे, वर्तमान समय में रोग प्रतिरोधक क्षमता का महत्व, और स्वच्छता एवं हाइजीन जैसे विषय शामिल थे। प्रत्येक प्रस्तुति में छात्राओं ने न केवल तथ्यात्मक जानकारी दी, बल्कि आंकड़ों, चित्रों और वीडियो के माध्यम से विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

इस दौरान छात्रों की शोध क्षमता, प्रस्तुतीकरण कौशल और टीम वर्क की भी सराहना की गई। मुख्य अतिथि डॉ. सुषमा शर्मा जी ने इन प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि स्वास्थ्य के प्रति इतनी जागरूक है, तो निश्चय ही भविष्य एक स्वस्थ और समृद्ध समाज की ओर अग्रसर होगा। पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण में अनुराग व् वंशिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, भावना ओर सुहेल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, इसी के साथ युसूफ व हुसैन फारूकी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, और राधिका सिंघल, फानूस, नाजिया, अंश शर्मा, संस्कृति, आकाश वर्मा, खुशी इत्यादि छात्रों ने एक से बढ़कर एक पावरप्वाइंट प्रस्तुतीकरण किया।

ये भी पढ़ें: summers: गर्मीयों में शरीर को ठंडा, स्वस्थ और तारोंताज़ा रखना है तो करें ये उपाय!

इस अवसर पर  श्रीराम कॉलेज आफ फार्मेसी  के निदेशक  डॉ. गिरेन्द्र कुमार गौतम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हैं, बल्कि यह भी सिखाते हैं कि हम अपने शरीर और मन की देखभाल कैसे कर सकते हैं तथा एक स्वस्थ, संतुलित और सक्रिय जीवन कैसे जी सकते हैं। यह भी कहा कि आज की दुनिया में तेजी से बढ़ते प्रदूषण, वनों की अंधाधुंध कटाई औरपर्यावरण असंतुलन के कारण मानव जाति अनेक नई-नई बीमारियों और संक्रमणों से जूझ रही है। इन समस्याओं का सीधा प्रभाव हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।

डॉ. गिरेन्द्र कुमार ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का किया आह्वान, कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों का योगदान”

इसके साथ ही डॉ. गिरेन्द्र कुमार ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान समय की कमी और व्यस्त जीवन शैली के चलते लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। समय की कमी, अनुचित खानपान, और नियमित व्यायाम की अनुपस्थिति के कारण लोग कम उम्र में ही गंभीर रोगों का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, ध्यान और पर्याप्त नींद को अपनाकर स्वयं को स्वस्थ बनाए रखना चाहिए।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने मै डॉ० रामदत्त शर्मा, डॉ० संदीप कुमार, डॉ० मनोज गुप्ता, ईशान अग्रवाल, साबिया, टिंकू कुमार, आर्यवर्त, भूदेव कुमार, रोहिणी गुप्ता, शैली रस्तोगी, तरन्नुम फातिमा, सलमान, मोहन कुमार, दीपक कुमार, संजय, शशि भूषण, अवि दुबे, राम सिंह, विकास कुमार, मो० अरशद आदि शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए नमस्कार भारत के साथ जुड़िये, इंस्टाग्रामफेसबुक और यूट्यूब पर।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *