वरिष्ट संवाददाता आलोक शुक्ला नमस्कार भारत
साहित्य अकादेमी में बुधवार को ‘साहित्य मंच’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें चार साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत कवि श्रीविलास सिंह के काव्य पाठ से हुई, जिन्होंने बख़्तियार खिलजी की बीवियाँ, विज्ञापन, घर, ईश्वर से, बदले हुए नाम का शहर और देह शीर्षक कविताएँ सुनाईं। इसके अलावा उन्होंने एक ग़ज़ल भी प्रस्तुत की। उनकी कविताओं में वर्तमान समय की विडंबनाओं, बदलाव की अपील और घर की यादों का भावनात्मक चित्रण देखने को मिला।
कवयित्री मृदुला प्रधान और आशमा कौल ने भी अपनी कविताओं से बचपन की स्मृतियों और बदलते शहरों में अपनी पहचान की तलाश को बड़े संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया। वरिष्ठ कथाकार नरेंद्र नागदेव ने अपनी कहानी लिस्ट का पाठ किया। यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की भावनाओं को दर्शाती है, जो वर्षों से एक सूची में अपना नाम ढूंढ रहा है, ताकि उसे नए और सुंदर जीवन का भरोसा मिल सके। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कवि और कथाकार उपस्थित रहे। संचालन साहित्य अकादेमी के उपसचिव देवेंद्र कुमार देवेश ने किया
