वरिष्ट संवाददाता आलोक शुक्ला, नमस्कार भारत
पटना इस महीने साहित्यिक माहौल से सराबोर होने जा रहा है। ‘उन्मेष’ अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव का तीसरा संस्करण 25 से 28 सितंबर 2025 तक सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, साहित्य अकादेमी और बिहार सरकार के सहयोग से होगा।
एशिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव
‘उन्मेष’ प्रतिभागियों की संख्या के आधार पर एशिया का सबसे बड़ा और भारत का सबसे समावेशी साहित्यिक उत्सव माना जाता है। इस बार 90 सत्रों में देश-विदेश के करीब 550 लेखक, कवि, विद्वान, अनुवादक, प्रकाशक और अन्य हस्तियां भाग लेंगी। इसके अलावा 100 भाषाओं का प्रतिनिधित्व और 12 देशों के लेखक भी शामिल होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई जानकारी
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। इस दौरान उन्होंने 11-13 सितंबर को विज्ञान भवन में आयोजित होने वाली ‘ज्ञान भारतम्’ अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के बारे में भी बताया, जिसका उद्देश्य पांडुलिपि धरोहर के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत को पुनः प्राप्त करना है।
इस मौके पर संस्कृति मंत्रालय की अपर सचिव अमिता प्रसाद सरभाई, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और साहित्य अकादेमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव भी मौजूद थे।
कौन-कौन होंगे शामिल
इस साहित्यिक महाकुंभ में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, अमोल पालेकर, जावेद अख्तर, गिरीश कासरवल्ली, सोनल मानसिंह समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियों और विदेशी राजदूतों की उपस्थिति संभावित है।
प्रमुख लेखकों में नवतेज सरना, प्रतिभा राय, अरुण कमल, विश्वास पाटील, जेरी पिंटो, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, कपिल कपूर, उदय नारायण सिंह, अनीसुर रहमान, सुबोध सरकार, शीन काफ़ निज़ाम, अनामिका, ममंग दई, वामन केंद्रे, भानु भारती, एम.के. रैणा, शरण कुमार लिंबाले, हृषीकेश सुलभ, महादेव टोप्पो, होशांग मर्चेंट, अशोक चक्रधर, मालिनी अवस्थी जैसी हस्तियां शामिल हैं।
महत्वपूर्ण सत्र
उत्सव में कविता और कहानी पाठ के साथ कई रोचक विषयों पर सत्र होंगे, जैसे—
1. साहित्य और अन्य कलाओं की साझी दुनिया
2. उत्तर-आधुनिक भारतीय साहित्य और सिनेमा
3. सोशल मीडिया एवं साहित्य
4. प्रवासन और आदिवासी समुदायों की पहचान का संकट
5. विदेशी भाषाओं में भारतीय साहित्य का प्रचार
6. सौंदर्यपरक भारतीय संवेदनाएं और भारतीय फिल्में
7. बिहार की साहित्यिक विरासत
8. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में साहित्य की भूमिका
9. भारतीय नाटकों में प्रवासन एवं विस्थापन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी होगी धूम
प्रत्येक शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज का लाइव शो, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, संगीत नाटक अकादेमी और पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र की विशेष प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
