संवाददाता रोहित त्यागी, नमस्कार भारत मुजफ्फरनगर। शहर के प्रमुख स्थल कंपनी बाग के बंद गेट को खुलवाने की मांग को लेकर आंदोलन अब बेहद उग्र रूप ले चुका है। लंबे समय से की जा रही इस मांग पर कोई सुनवाई न होने से नाराज ‘पर्यावरण सेवा समिति’ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को सुमन विहार कॉलोनी से कंपनी बाग को जोड़ने वाली सड़क पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके साथ आंदोलन को मजबूती देने के लिए 10 अन्य लोग भी क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं।लंबे समय से लंबित है मांग, नहीं निकला कोई हलपर्यावरण सेवा समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सुमन विहार कॉलोनी से कंपनी बाग को जोड़ने वाला यह मार्ग जनता की सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस गेट को खोलने के लिए लंबे समय से शासन-प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन लगातार की जा रही अनदेखी के बाद समिति को आंदोलन का यह कड़ा रास्ता अख्तियार करना पड़ा।”हम लंबे समय से इस मार्ग को खोलने की न्यायसंगत मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। अब यह लड़ाई आर-पार की है। जब तक प्रशासन कंपनी बाग का गेट खोलने की हमारी मांग को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करता, तब तक यह आमरण अनशन और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।”आंदोलन को मिला भारी जनसमर्थनजितेंद्र सिंह के आमरण अनशन पर बैठते ही मुजफ्फरनगर के तमाम सामाजिक, किसान और राजनीतिक संगठनों ने मौके पर पहुंचकर अपना समर्थन घोषित किया। अनशन स्थल पर समर्थन देने पहुंचे प्रमुख चेहरों में शामिल रहे:सुधीर पहलवान (जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन – अराजनैतिक)धर्मवीर बालियान (जिलाध्यक्ष, जाट महासभा)सतीश कुकरेजा (सभासद) एवं पवन कुमार (पूर्व सभासद)सुशील शर्मा (जिला कोषाध्यक्ष, बसपा)रविंद्र सिंह (ग्राम प्रधान)इनके अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और स्थानीय निवासियों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई। इस आंदोलन के बाद अब प्रशासन पर गेट खोलने का दबाव काफी बढ़ गया है। Post navigation सफाई कर्मचारियों का सरकार को अल्टीमेटम: मांगें पूरी नहीं हुईं तो 3 महीने बाद ठप होगी मुजफ्फरनगर-सहारनपुर की सफाई व्यवस्था राम के आदर्श, कृष्ण का कर्मयोग और मोदी-योगी का सुशासन ही विकसित भारत का आधार: विनीत अग्रवाल शारदा