वरिष्ट संवाददाता आलोक शुक्ला, नमस्कार भारत
पटना। “श्री गुरु तेग बहादुर जी: जीवन और शिक्षाएँ” विषय पर अयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज समापन हुआ। यह संगोष्ठी 3–4 मई 2026 को पटना साहिब की पवित्र धरती पर की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली तथा तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब द्वारा किया गया।
उद्घाटन समारोह में बिहार के माननीय राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। यह संगोष्ठी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के राष्ट्रीय स्मरण कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी।
इस अवसर पर अनेक विशिष्ट व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष माधव कौशिक; साहित्य अकादेमी के पंजाबी परामर्श मंडल के संयोजक रवेल सिंह; बिहार विधान परिषद के उपसभापति रामवचन राय; तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह; तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही; महासचिव इंदरजीत सिंह; वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखबिंदर सिंह; उपाध्यक्ष गुरिंदर सिंह; सचिव हरबंस सिंह खनुजा; साहित्य अकादेमी के कार्यकारी सचिव सुरेश बाबू; माता सुंदरी कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हरप्रीत कौर; वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं लेखक डॉ. मनमोहन; प्रो. जगबीर सिंह; आदि शामिल थे।
इस अवसर पर विधायक श्री संजीव चौरसिया भी उपस्थित रहे और उन्होंने साहित्य अकादेमी तथा तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के पदाधिकारियों को इस पावन भूमि पर, जो कि पटना साहिब में स्थित तख्त श्री हरिमंदिर साहिब तथा गुरु गोबिंद सिंह की जन्मस्थली है, ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी।
संगोष्ठी में विभिन्न शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्वानों ने गुरु तेग बहादुर जी के दर्शन, आध्यात्मिक दृष्टि और सार्वभौमिक संदेश पर विचार-विमर्श किया। विशेष रूप से उनके बलिदान, धार्मिक स्वतंत्रता और मानव गरिमा के आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।
बिहार के विभिन्न क्षेत्रों—सासाराम, किशनगंज, कटिहार आदि से बड़ी संख्या में संगत ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो गुरु साहिब की विरासत के प्रति गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।
आयोजकों ने सभी गणमान्य अतिथियों, विद्वानों और प्रतिभागियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह सार्थक और प्रेरणादायक शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
