संवाददाता अनु सैनी, नमस्कार भारत मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में जलभराव की समस्या से साधु-संतों, तीर्थवासियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गए हैं और कई आश्रमों के सामने गंदा पानी जमा है। समस्या से नाराज साधु-संतों ने शुक्रवार को प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर स्थायी समाधान की मांग की। सूचना पर पहुंचीं एसडीएम रश्मि लांबा ने मौके का निरीक्षण कर जल्द समस्या दूर कराने का आश्वासन दिया। हनुमंतधाम आश्रम, मानव चेतना केंद्र समेत कई आश्रमों के सामने जलभराव होने से आवागमन प्रभावित है। मां पूर्णागिरि आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा कि लंबे समय से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की। मानव चेतना केंद्र के संस्थापक स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद महाराज ने बताया कि जलभराव से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। श्रद्धालुओं के वाहन पानी में फंस जाते हैं और बुजुर्गों को कीचड़ में गिरने का खतरा बना रहता है। स्वामी विज्ञानंद महाराज ने कहा कि तीर्थस्थल पर गंदगी और जलभराव प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। तीर्थ की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मौके पर पहुंचीं एसडीएम रश्मि लांबा को साधु-संतों ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से पानी सड़कों पर भर रहा है। साथ ही गौशाला का गोबर भी पानी में बहाए जाने से स्थिति और खराब हो रही है। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को नालियों और नालों की तत्काल सफाई कर जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। Post navigation मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से पकड़ने की मांग बी0एफ0ए0 चतुर्थ वर्ष और एम0एफ0ए0 चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम हुआ घोषित