संवाददाता रोहित त्यागी, नमस्कार भारत मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया ने रविवार को ‘मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले’ के अंतर्गत विभिन्न ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) दूधली में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लिया जायजानिरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने क्षेत्र के कई प्रमुख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सघन भ्रमण किया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोहानाप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुटेसराप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बिरालसीप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बलवा खेड़ीप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दूधलीभ्रमण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सीय व्यवस्थाओं, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।”शासन की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएंगी।”डॉ. सुनील तेवतिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारीलापरवाही बर्दाश्त नहीं, व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देशसीएमओ ने मौके पर मौजूद संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बिना किसी परेशानी के गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए।स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण की चिंता: पीएचसी दूधली में वृक्षारोपणनिरीक्षण कड़ी के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दूधली पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने परिसर में वृक्षारोपण किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने स्टाफ और स्थानीय नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वच्छ और हरित वातावरण ही बेहतर स्वास्थ्य का असली आधार है। इसलिए, बीमारी से बचाव और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सभी को पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। Post navigation आलोक शुक्ला के कहानी संग्रह ‘इस दीवार पर कोई खिड़की नहीं’ का भव्य लोकार्पण, साहित्य और रंगमंच जगत की दिग्गज हस्तियां रहीं मौजूद वंदे मातरम चौक की मांग को लेकर पालिका अध्यक्ष से मिला विश्व हिंदू महासंघ का प्रतिनिधि मंडल