संवाददाता रोहित त्यागी, मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के विकास खंड मोरना के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेहड़ा थ्रू से एक बड़ा मामला सामने आया है। जय समता पार्टी (जसपा) ने गांव के सार्वजनिक गुरु रविदास मंदिर एवं बारात घर पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस गंभीर मामले को लेकर पार्टी ने देश के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्थानीय जिलाधिकारी (DM) को एक ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।बिना प्रशासनिक आदेश के बारात घर को बनाया ‘पंचायत सचिवालय’सौंपे गए ज्ञापन में जय समता पार्टी ने ग्राम प्रधान और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि:ग्राम प्रधान दिनेश राठी, ग्राम सचिव, एडीओ पंचायत और अन्य संबंधित अधिकारियों ने मिलीभगत की है।बिना किसी वैध प्रशासनिक आदेश और ग्राम सभा की लिखित सहमति के, दलित बस्ती के इस सार्वजनिक बारात घर को पंचायत सचिवालय में तब्दील कर दिया गया। पार्टी का दावा है कि इस मनमानी कार्रवाई से दलित समाज के सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक अधिकारों का सीधे तौर पर हनन हुआ है।विरोध करने पर ग्रामीणों को जेल भेजने की धमकी का आरोपजय समता पार्टी (जसपा) के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जब स्थानीय ग्रामीणों ने इस अवैध कब्जे का शांतिपूर्ण विरोध करने का प्रयास किया, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। अधिकारियों और रसूखदारों द्वारा ग्रामीणों को पुलिस कार्रवाई और जेल भेजने की धमकियां दी गईं। इसके अलावा, ग्रामीणों द्वारा पहले की गई शिकायतों पर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।”दलित समाज के सामाजिक और सार्वजनिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। विरोध करने वाले बेकसूर ग्रामीणों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है, जो बेहद निंदनीय है।”— जय समता पार्टी (जसपा)जय समता पार्टी की मुख्य मांगें:मामले की गंभीरता को देखते हुए जसपा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से निम्नलिखित मांगें की हैं: तत्काल कब्जामुक्त हो परिसर: गुरु रविदास मंदिर/बारात घर परिसर से पंचायत सचिवालय को हटाकर इसे तुरंत पूर्व की स्थिति में लाया जाए। दोषियों पर हो FIR: बिना अनुमति सार्वजनिक संपत्ति का स्वरूप बदलने वाले ग्राम प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।सुरक्षा की गारंटी: दलित समाज की धार्मिक और सामाजिक धरोहरों के साथ भविष्य में ऐसी किसी भी मनमानी कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। Post navigation मुजफ्फरनगर: फर्जी डिग्री और कूटरचित दस्तावेज बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 15 हजार का इनामी डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार