संवाददाता रोहित त्यागी, नमस्कार भारत मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा संचालित ’’वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’’ तथा ’’हरित सारथी अभियान’’ के अंतर्गत श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मुजफ्फरनगर में एक विशेष वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।6 से 12 जुलाई तक चलेगा पौधारोपण कार्यक्रमकॉलेज परिसर में 6 जुलाई से 12 जुलाई 2026 तक विभिन्न पौधारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने परिसर में पौधे रोपे और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ एक हरित वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देने का दृढ़ संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जानसठ पॉलिटेक्निक के यांत्रिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कर्मवीर उपस्थित रहे।”वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता सबसे अधिक” — डॉ. गिरेन्द्र कुमारकार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. गिरेन्द्र कुमार गौतम ने कहा:”वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में देश के प्रत्येक नागरिक का यह परम दायित्व है कि वह न केवल अधिक से अधिक पौधे लगाए, बल्कि उनके बड़े होने तक उनके संरक्षण का भी संकल्प ले।”विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया ‘हरित सारथी’ बनने का संकल्पकॉलेज प्रशासन ने इस दौरान विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने ’’मैं हूँ एक हरित सारथी’’ का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा की गई यह पहल समाज में एक हरित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम में इनका रहा सराहनीय योगदानइस पूरे आयोजन को सफल बनाने में कॉलेज के डॉ. संदीप कुमार, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. रामदत्त शर्मा, साबिया परवीन, टिंकू कुमार, लोकेश कुमार, ज्योति जैन, अवि दुबे, आरती चोपड़ा, मुस्सयब खान, तरन्नुम फातिमा, शिवम् त्यागी, आर्याव्रत, उज्जवल, शैली, सलमान, शशीभूषण, भूदेव, रामसिंह, सुशील, विकास कुमार और संजय कुमार सहित समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। Post navigation चीनी मांझे पर प्रशासन की सख्ती: मुजफ्फरनगर में व्यापारियों के साथ बैठक, बिक्री और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश किसान मजदूरों की आवाज बनेगा संघर्ष मोर्चा, कासमपुरा में कार्यलय का शुभारंभ