संवाददाता अनु सैनी, नमस्कार भारत

शुकतीर्थ में स्थित श्री शुकदेव आश्रम में महान सन्त वीतराग स्वामी कल्याण देव महाराज की 22 वीं पुण्यतिथि मंगलवार को मनाई गई। आश्रम में पहुंचे गणमान्य व्यक्तियों ने ब्रह्मलीन स्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया व उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

     तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित प्रसिद्ध श्री शुकदेव आश्रम में मंगलवार सुबह सवेरे पादुका पूजन किया गया।मंत्रोच्चार के बीच ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणदेव महाराज की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा हवन यज्ञ में आहुति दी गयी। श्रद्धांजलि सभा मे स्वामी ओमानन्द महाराज ने कहा कि उनके द्वारा लगभग 366  शिक्षण संस्थाएं स्थापित की गई जहां से आज हजारों छात्र देश विदेश में राष्ट्र को गौरवान्वित कर रहे हैं। महान संत ने शुकतीर्थ सहित हस्तिनापुर,पुष्कर राज, कुरुक्षेत्र सहित अनेक तीर्थ का जीर्णोद्धार किया। उनका जीवन अनुकरणीय व प्रेरणा स्रोत रहेगा वह करुणा, प्रेम, दया,परोपकार की साक्षात मूर्ति थे। बहु आयामी व्यक्तित्व के धनी थे। संत समाज का गौरव संत समाज का मुकुट अग्रिम पंक्ति के सन्त थे वह लोक कल्याण के देवता थे उन्होंने जगत सेवा लोक साधना को महत्व दिया समाज सदैव उनकी सेवाओं का ऋणी रहेगा।सन्त का सानिध्य फलदायी होता है।उनके दर्शन से पुण्य मिलता है।व सदैव सूक्ष्म रूप में हमारे बीच मे रहेगें।

मुख्य अथिति उत्तराखंड राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उनका जीवन दिशा व दशा देता है शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य अनुकरणीय हैं गंगा का जल शुकतीर्थ में निरंतर वह इसके लिए वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे। सच्ची भावना से किए गए कार्य सफल होते हैं। गुरुओं का स्थान सर्वोच्च होता है।
भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि ऋषि वेश में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाकर समाज को उन्नत दिशा दी।यह देश ऋषि और कृषि पर काम करता है।ऋषि और कृषि पद्द्यति मजबूतहोगी तभी देश आगे बढ़ेगा।गांव की शिक्षण संस्थाओं को बढ़ावा दिया जाए जिससे क्षेत्र का पैसा क्षेत्र में रहे।सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि महान शिक्षा ऋषि के जीवन से प्रेरणा लेकर जनपद में राजकीय विश्विद्यालय की स्थापना की जाए।प्रत्येक जनपद में सरकार एक विश्वविद्यालय की स्थापना की ज़रूरत है।शिक्षा के बिना तरक्की सम्भव नही है।
जिला पंचायत प्रशासक डॉ.वीरपाल निर्वाल ने कहा की ऐसे महान सन्त सदियों में ही जन्म लेते हैं।सरल,साधारण, समाज सेवा व धर्म परायण की मूर्ति स्वामी कल्याणदेव महाराज की शिक्षाएं अनुकरणीय रहेंगी
एमएलसी वन्दना वर्मा ने कहा कि महानसन्त का जीवन लोक कल्याण को समर्पित रहा।ऐसे महापुरुष वंदनीय हैं।

इस अवसर पर हनुमन्तधाम के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप आनंद सरस्वती महाराज,गोवर्धन दास महाराज, सतीश दास, एमएल रंगा,विधायक पुत्री सुप्रियापाल,अचल कृष्ण शास्त्री, सुमन कृष्ण शास्त्री, विजय शुक्ला पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष,मा.विजय सिंह, नरेंद्र शर्मा, एसडीएम रश्मि लांबा, राकेश शर्मा,सुभाष चंद शर्मा, गजेन्द्र पाल वर्मा,पूर्व सांसद सईदुज्जमा,मदनपाल एडवोकेट, प्रधानाचार्य कैप्टन प्रवीण चौधरी, फूलचंद,पूर्व विद्यायक प्रमोद ऊंटवाल,देवराज पँवार, रामपाल वर्मा, रमेश मलिक आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी राकेश टिकैत व संचालन ओमदत्त देव आर्य ने किया।कार्यक्रम के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *